Tag Archives: poem

Agnipath Poem in Hindi – अग्निपथ कविता


आदरणीय श्री हरिवंश राय बच्चन जी की कविता “अग्निपथ”

वृक्ष हो भले खड़े, हो घने हो बड़े, एक पत छाव की |
मांग मत, मांग मत, मांग मत ||
अग्निपथ, अग्निपथ, अग्निपथ |||

तू न थकेगा कभी, तू न थमेगा कभी, तू न मुड़ेगा कभी |
कर शपथ, कर शपथ, कर शपथ ||
अग्निपथ, अग्निपथ, अग्निपथ |||

ये महान दृश्य है, चल रहा मनुष्य है, अश्रु स्वेद रक्त से |
लथपथ, लथपथ, लथपथ ||
अग्निपथ, अग्निपथ, अग्निपथ |||

श्री बच्चन जी को शत शत वंदन.

Advertisements

romantic love poem


Now a days i am feeling romantic.

just got this kavita/poem…
This is by Dr. Kumar Vishwas.

कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है.
मगर धरती की बैचेनी को बस बादल समझता है.
मैं तुझसे दूर कैसा हु, तू मुझसे दूर कैसी है.
ये तेरा दिल समझता है, या मेरा दिल समझता है.

teri yaad , ek shyari


Got this shayari mail from my friend. I liked this too much.

I have not written it, but I have converted this to hindi for better reading. 🙂

जिनकी याद में हम दीवाने हो गये, वो हम ही से बेगाने हो गये.
शायद उन्हे तलाश है अब नये प्यार की, क्यूंकी उनकी नज़र में हम पुराने हो गये

बाकी कुछ ना रहा ज़माने में, जवानी गुज़र रही महखाने में.
अब तो करले मेरे प्यार पे यकीन, वरना ज़िंदगी बीत जाएगी आज़माने में.

तुम्हारी हर अदा का क्या जवाब दूं, अपने प्यार को क्या उपहार दूं.
कोई अच्छा सा फूल होता तो माली से मँगवाता, जो खुद गुलाब है उसको क्या गुलाब दूं.

वक़्त हूमे भुला चुका है, मुक़द्दर भी ना भुला दे.
हम प्यार इसलिए नही करते, की कहीं हूमे फिर से कोई ना रुला दे.

Technorati Tags: , , , ,

ek sher-shayari


रहने दे आसमा जमी की तलाश कर.
सब कुछ यही , ना और किसी की तलाश कर.

हर आरजू पुरी हो जाने का क्या है मजा. ?
जीने के लिए बस एक कमी की तलाश कर. 🙂

Technorati Tags: ,, , , , ,

%d bloggers like this: