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10 Letter Word


Today I got this. Most 10 IMP letter words.

I liked it.

  1. The most selfish one letter word is – “I”Avoid It.
  2. The most satisfying two letter word is – “WE”:, Use It.
  3. The most poisonous three letter word is – “EGO”, Kill It.
  4. The most used four letter word is – “LOVE”, Value It.
  5. The most pleasing five letter word is – “SMILE”, Keep It.
  6. The fastest spreading six letter word is – “REMOUR”, Ignore It.
  7. The hardesh working seven letter word is – “SUCCESS”, Achieve It.
  8. The most enviable eight letter word is – “JEALOUSY”, Distance It.
  9. The most powerful nine letter word is – “KNOWLEDGE”, Acquire It.
  10. The most essential ten letter word is – “CONFIDENCE”, Trust It.

Note : I have not written these. Its Ctrl+C and Ctrl+V with beautification.

Happy Words.

Answers from Sri Sri Ravishankar of Art of Living on Lord Krishna’s Gita Question.


Today I got mail from Rajendran Ganesan (http://shanthiraju.wordpress.com/) I am very fond of his blog. One of my favorite blog.

He sent this mail… I just liked it… I am printing as it is.

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An answer from Sri Sri Ravishankar of Art of Living, for a question which is grossly misunderstood by many of us, I believe.
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Q: Lord Krishna has said in the ‘Gita’ to sacrifice the fruits of action. Is

it possible to do that in real life?

Sri Sri: No, Krishna never asked you to sacrifice the fruits of action. He
says, in any case you have no control over the fruits of your actions.
Therefore put your attention on the performance of action. While running a
race, have the attention on yourself and not on the other tracks. His advice
is utterly practical.

Q: Then, don’t we have to look at the competition?

Sri Sri: Life is complex. Take this and that together. If you are not aware
of what is happening around you, you will miss out. Improve your intuitive
ability.

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My हिंदी Translation for easy understanding.

Q. भगवान कृष्ण ने ‘गीता’ में कहा है कि कार्रवाई के फल का त्याग करो, क्या यह वास्तविक जीवन में करना संभव है?
A. भगवान कृष्ण नें कभी नहीं कहा है की तुम कर्म के फलो का त्याग करो. बल्कि उनका तो ये मानना है की किसी भी मामले मैं मनुष्य का कर्म के फलो पर कोई नियंत्रण नहीं है.
इसलिए कार्रवाई के प्रदर्शन पर अपना ध्यान रख. जैसे की एक प्रतियोगिता की दौड़ मैं दौड़ते वक़्त मनुष्य को अपनी दौड़ मैं ध्यान केन्द्रित करना चाहिए ना की दुसरे की दौड़ पर.
उनकी सलाह पूरी तरह से व्यावहारिक है.

Q. तो क्या हम वास्तविक जीवन की प्रतियोगिता मैं भाग ना लेवे. ?
A. जीवन जटिल है सब कुछ एक साथ ले कर चलो.
यदि आप नहीं जानते हैं की तुम्हारे चारो तरफ क्या हो रहा है तो तुम गुम जाओगे. अंतर्ज्ञानी बनो.

So कर्म करता जा फल की इच्छा मत कर.

Happy Worship. Happy Hard Work. Happy Success.

jai ho lyrics hindi, awesome lyrics


गुलजार जी और रहमान भाई और सुखविंदर सिंह का तहे दिल से शुक्रिया !!
क्या गीत के शब्द है और क्या गीत का संगीत और गायकी
भाई वाह! मजा आ गया.
“जय हो”.

आप लोगो को ध्यान हो तो ये वही “चल छैया छैया” गीत – फ़िल्म “दिल से” वाली जोड़ी है.

जय हो, जय हो
आजा आजा हिंद शामियाने के तले, आजा जरीवले नीले आसमान के तले
जय हो, जय हो

रत्ती रत्ती साची मैने जान गवाई है, नाच नाच खयालो पे रात बिताई है
अखियों की नींद मैने फूंको से उड़ा दी, नीले तारे से मैने उंगली जलाई है
आजा आजा हिंद शामियाने के तले, आजा जरीवले नीले आसमान के तले

चख ले हो चख ले ये रात शहद है चख ले, रख ले हाँ दिल है दिल आखरी हद है रख ले
काला काला काजल तेरा कोई कला जादू है ना, काला काला काजल तेरा कोई काला जादू है ना
आजा आजा हिंद शामियाने के तले, आजा जरीवले नीले आसमान के तले
जय हो, जय हो!! जय हो, जय हो!!

कब से हा कब से तू लब पे रुकी है कह दे, कह दे हा कह दे अब आँख झुकी है.. कह दे
ऐसी ऐसी रोशन आँखे रोशन दोनो भी है है क्या…
आजा आजा हिंद शामियाने के तले, आजा जरीवले नीले आसमान के तले
जय हो, जय हो!! जय हो, जय हो!!

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