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Sarveshwari Jagdishwari Bhajan – Hindi Lyrics


सर्वेश्वरी जगदीश्वरी -२ , हे मातृ रूप महेश्वरी ।
ममतामयी करुणामयी – २ , हे मातृ रूप महेश्वरी।

सर्वेश्वरी जगदीश्वरी -२ , हे मातृ रूप महेश्वरी।

जगजीवनी संजीवनी, समस्त जीवनेश्वरी। – २
हे मातृ रूप महेश्वरी।
सर्वेश्वरी जगदीश्वरी -२ , हे मातृ रूप महेश्वरी।

कृपालिनी जगतारिणी, प्रतिपल भुवन हृदयेश्वरी। -२
हे मातृ रूप महेश्वरी।
सर्वेश्वरी जगदीश्वरी -२ , हे मातृ रूप महेश्वरी।- २

तमहारीनी शुभकारणी, मनमोहिनी विश्वेश्वरी। – २
हे मातृ रूप महेश्वरी।
सर्वेश्वरी जगदीश्वरी -२ , हे मातृ रूप महेश्वरी।
ममतामयी करुणामयी – २ , हे मातृ रूप महेश्वरी।

सर्वेश्वरी जगदीश्वरी -२ , हे मातृ रूप महेश्वरी।

Jai Mata Di.

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Filimi Dialogue – Dhoom 3 – वाह ! क्या डायलाग है।


There are so many dialogue in movie but I like below 4.

The first one is best poem.

  • बंदे है हम उसके हम पर किसका जोर |
    उम्मीदो के सूरज, निकले चारो और ||
    इरादे है फौलादी, हिम्मती है कदम |||
    अपने हाथो किस्मत लिखने आज चले है हम ||||
  • होशियारी, तरकीब और धोका .. तीनो मिल जाए तो लोग उसे जादू समझते है |
  • असली जीत बदले कि नहीं, सपने कि होती है |
  • आये तो थे शराफत से लेकिन जायेंगे धूम मचा के |

Happy Dhoom.

Sukhharta Dukhharta Hindi Meaning


Ganapatai Bappa Morya..

This year I chanted this aarti many times and this is in marathi. I learned it but I never knew the meaning of this aarti.
So I found the meaning of this aarti and edited it as per learning and observation.

Please suggest if any changes are required.

सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची । नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची ।।
सार्वांगी सुन्दर उटि शेंदुराची । कंठी झळके माळ मुक्ताफळांची ||
जयदेव जयदेव जय मंगलमूर्ति । दर्शनमात्रे मनकामना पूर्ति ।। 1 ।।

भगवान् जो हमे सुख देते है और दुखो को दूर करते है. सभी मुश्किलों से मुक्त करते है. जो आशीर्वाद के रूप मैं हर जगह अपना प्यार फैलाते है. ||
जिनके शारीर पर सुन्दर लाल-नारंगी रंग है. और गले मैं अति-सुन्दर मोतियों ( मुक्ताफल ) की मारा पहनी हुई है. ||
भगवान् की इस मंगल मूर्ति से प्रार्थना करो. भगवान् के दर्शन मात्र से ही हमारी सारी इच्छाओ की पूर्ति हो जायेगी. ||१||

रत्नखचित फरा तुज गौरी कुमरा । चंदनाची उटि कुंकुमकेशरा ।।
हीरेजडित मुगुट शोभतो बरा । रुनझुनती नूपुरे चरनी घागरिया ।|
जयदेव जयदेव जय मंगलमूर्ति । दर्शनमात्रे मनकामना पूर्ति ।। 2 ।।

हे गौरी पुत्र, ये रत्नों से जडित मुकुट आपके लिए है, आपके शारीर पर चन्दन का लेप लगा हुआ है और मस्तक भाल पर पर लाल रंग का तिलक लगा हुआ है. ||
हीरो से जडित सुन्दर सा मुकुट है और आपके आपके चरणों के पास मैं पायल की ध्वनि बहुत अच्छी लग रही है. ||
भगवान् की इस मंगल मूर्ति से प्रार्थना करो. भगवान् के दर्शन मात्र से ही हमारी सारी इच्छाओ की पूर्ति हो जायेगी. || २ ||

लम्बोदर पिताम्बर फणिवर बंधना । सरळ तोंड वक्रतुंड त्रिनयना ।।
दास रामाचा वाट पाहे सदना । संकटी पावावे, निर्वाणी रक्षावे सुरवरवंदना ।।
जयदेव जयदेव जय मंगलमूर्ति ।। दर्शनमात्रे मनकामना पूर्ति ।। ३ ।।

भगवान् आपका बड़ा पेट है और आपने पीली धोती पहनी हुई है. आपके सरल और मुड़ी हुई सूंड है और आपके तीन आँखे है.
लेखक रामदास कहते है की मैं आपकी साधना मैं ये लिख रहा हु, मुश्किल के समय मैं सदेव हमारी रक्षा और सहायता करना.
भगवान् की इस मंगल मूर्ति से प्रार्थना करो. भगवान् के दर्शन मात्र से ही हमारी सारी इच्छाओ की पूर्ति हो जायेगी. || ३ ||

Happy Ganapati.

Shendur Lal Chadhayo Hindi-Marathi Lyrics


My wife got this caller tune. I liked very much.
Thought to get the lyrics for the same. That will be help full for every one.

शेंदूर लाल चढायो अच्छा गजमुखको ||
दोंदिल लाल बिराजे सूत गौरीहरको ||
हाथ लिए गुड-लड्डू साईं सुरवरको ||
महिमा कहे ना जाय लागत हूँ पदको || 1 ||

जय जय श्री गणराज विध्यासुखदाता || धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता ||

अष्टो सिद्धि दासी संकटको बैरी ||
विघनाविनाशन मंगल मूरत अधिकारी ||
कोटि सूरजप्रकाश ऐसी छबि तेरी ||
गंड-स्थल मदमस्तक झूले शाशिहारी || 2 ||

जय जय श्री गणराज विध्यासुखदाता || धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता ||

भावभगत से कोई शरणागत आवे ||
संतति सम्पति सभी भरपूर पावे ||
ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे ||
गोसावीनंदन निशिदिन गुण गावे || 3 ||

जय जय श्री गणराज विध्यासुखदाता || धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता ||

Let me know if there are any mistake in type.

Gana Pati Bappa Morya.

O Ri Chiraiya Song Lyrics @ Satyamev Jayate


O Ri Chiraiya Song Lyrics from TV serial Satyamev Jayate

Song: O Ri Chiraiya
Singer: Swanand Ji Kirkire
Lyricist: Swanand Ji Kirkire
Music Director: Ram Sampath Ji
Music label: T-Series

:: Video ::

:: Lyrics :
ओ री चिरैया, नन्ही सी चिड़िया |
अंगना में फिर आजा रे ||

ओ री चिरैया, नन्ही सी चिड़िया |
अंगना में फिर आजा रे ||

अँधियारा है घना और लहू से सना, किरणों के तिनके अम्बर से चुन के |
अंगना में फिर आजा रे ||

हमने तुझपे हजारो सितम हैं किये, हमने तुझपे जहां भर के ज़ुल्म किये |
हमने सोचा नहीं, तू जो उड़ जायेगी ||
ये ज़मीं तेरे बिन सूनी रह जायेगी, किसके दम पे सजेगा मेरा अंगना |||

ओ री चिरैया, मेरी चिरैया |
अंगना में फिर आजा रे ||

तेरे पंखो में सारे सितारे जडू, तेरी चुनर ठनक सतरंगी बुनू |
तेरे काजल में मैं काली रैना भरू, तेरी मेहंदी में मैं कच्ची धुप मलू ||
तेरे नैनो सजा दूं नया सपना |||

ओ री चिरैया, मेरी चिरैया |
अंगना में फिर आजा रे ||

ओ री चिरैया, नन्ही सी चिड़िया |
अंगना में फिर आजा रे ||

ओ री चिरैया…

वाह: !! अध्भुध !!!
स्वानंद किरकिरे जी, राम संपत जी को बहुत बहुत बधाई.

Happy Satyamev Jayate.

Agnipath Poem in Hindi – अग्निपथ कविता


आदरणीय श्री हरिवंश राय बच्चन जी की कविता “अग्निपथ”

वृक्ष हो भले खड़े, हो घने हो बड़े, एक पत छाव की |
मांग मत, मांग मत, मांग मत ||
अग्निपथ, अग्निपथ, अग्निपथ |||

तू न थकेगा कभी, तू न थमेगा कभी, तू न मुड़ेगा कभी |
कर शपथ, कर शपथ, कर शपथ ||
अग्निपथ, अग्निपथ, अग्निपथ |||

ये महान दृश्य है, चल रहा मनुष्य है, अश्रु स्वेद रक्त से |
लथपथ, लथपथ, लथपथ ||
अग्निपथ, अग्निपथ, अग्निपथ |||

श्री बच्चन जी को शत शत वंदन.

Aarti Kunj Bihari Ki : Hindi Lyrics : Lord Krishana Bhajan


From so many days I was searching for Lyrics on this bhajan “Aarti Kunj Bihari Ki, Shree Giridhar Krishna Murari Ki”.
Here is the hindi Lyrics for this hindi bhajan.

Bol Krishan Kanhiyaa Lal Ki Jai.

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला ।
श्रवण में कुण्डल झलकाला, नंद के आनंद नंदलाला ।
गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली ।
लतन में ठाढ़े बनमाली |
भ्रमर सी अलक | (Fast)
कस्तूरी तिलक | (Fast)
चंद्र सी झलक | (Fast)
ललित छवि श्यामा प्यारी की ॥
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की…

कनकमय मोर मुकुट बिलसै, देवता दरसन को तरसैं ।
गगन सों सुमन रासि बरसै;
बजे मुरचंग | (Fast)
मधुर मिरदंग | (Fast)
ग्वालिन संग | (Fast)
अतुल रति गोप कुमारी की ॥
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की…

जहां ते प्रकट भई गंगा, कलुष कलि हारिणि श्रीगंगा ।
स्मरन ते होत मोह भंगा;
बसी सिव सीस | (Fast)
जटा के बीच | (Fast)
हरै अघ कीच | (Fast)
चरन छवि श्रीबनवारी की ॥
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की…

चमकती उज्ज्वल तट रेनू, बज रही वृंदावन बेनू ।
चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू;
हंसत मृदु मंद | (Fast)
चांदनी चंद | (Fast)
कटत भव फंद | (Fast)
टेर सुन दीन भिखारी की ॥
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की…

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

Sau rupaye ka Dum jo lun, Do sau gum ho udan Chhu


Hindi Lycisc from Dum Maro Dum

हे..!!
फिर देख रहा है
आज आँख सेक रहा है, कल हाथ सेकेगा
आज ढील छोड़ रहा है, कल खुद ही तोड़ेगा
आज मेरे लिए Chair खींच रहा है, कल मेरी स्किर्ट खींचेगा
खीचेगा की नहीं ? हम्म…?

अक्कड़ बक्कड़ बम्बे बो, अस्सी नब्बे पूरे सौ
सौ रुपये का दम जो लूँ, दो सौ गम हो उड़न छू

फिर क्यूँ मैं तू, कर रहे टे टू….

Aish Karo Yaara…
Happy Dum.

Answers from Sri Sri Ravishankar of Art of Living on Lord Krishna’s Gita Question.


Today I got mail from Rajendran Ganesan (http://shanthiraju.wordpress.com/) I am very fond of his blog. One of my favorite blog.

He sent this mail… I just liked it… I am printing as it is.

-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=
An answer from Sri Sri Ravishankar of Art of Living, for a question which is grossly misunderstood by many of us, I believe.
>>>>
Q: Lord Krishna has said in the ‘Gita’ to sacrifice the fruits of action. Is

it possible to do that in real life?

Sri Sri: No, Krishna never asked you to sacrifice the fruits of action. He
says, in any case you have no control over the fruits of your actions.
Therefore put your attention on the performance of action. While running a
race, have the attention on yourself and not on the other tracks. His advice
is utterly practical.

Q: Then, don’t we have to look at the competition?

Sri Sri: Life is complex. Take this and that together. If you are not aware
of what is happening around you, you will miss out. Improve your intuitive
ability.

>>>>
-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=

My हिंदी Translation for easy understanding.

Q. भगवान कृष्ण ने ‘गीता’ में कहा है कि कार्रवाई के फल का त्याग करो, क्या यह वास्तविक जीवन में करना संभव है?
A. भगवान कृष्ण नें कभी नहीं कहा है की तुम कर्म के फलो का त्याग करो. बल्कि उनका तो ये मानना है की किसी भी मामले मैं मनुष्य का कर्म के फलो पर कोई नियंत्रण नहीं है.
इसलिए कार्रवाई के प्रदर्शन पर अपना ध्यान रख. जैसे की एक प्रतियोगिता की दौड़ मैं दौड़ते वक़्त मनुष्य को अपनी दौड़ मैं ध्यान केन्द्रित करना चाहिए ना की दुसरे की दौड़ पर.
उनकी सलाह पूरी तरह से व्यावहारिक है.

Q. तो क्या हम वास्तविक जीवन की प्रतियोगिता मैं भाग ना लेवे. ?
A. जीवन जटिल है सब कुछ एक साथ ले कर चलो.
यदि आप नहीं जानते हैं की तुम्हारे चारो तरफ क्या हो रहा है तो तुम गुम जाओगे. अंतर्ज्ञानी बनो.

So कर्म करता जा फल की इच्छा मत कर.

Happy Worship. Happy Hard Work. Happy Success.

India, happy independence day


Happy Independence Day to everyone. Today is great day.

हर वर्ष की १५ अगस्त भारत वर्ष मैं स्वंतंत्रता दिवस के रूप मैं मनाई जाती है. आज ही के दिन सन १९४७ मैं भारत को ब्रिटिश साम्राज्य से मुक्ति मिली थी और आज ही के दिन भारत एक स्वंतत्र, सामाजिक और धरम-निरपेक्ष देश के रूप मैं उभरा.

लीजिये प्रस्तुत है एक महान गीत ये उन सभी वीरो की याद दिलाता है जिन्होंने अपनी जान की बाजी लगा कर हिंदुस्तान को आजादी दिलवाई.
आईये हम सब मिलकर उन सभी वीरो को याद करे. उन सभी वीरो को शत-शत वंदन जो अपनी जान की बाजी लगा कर हमारे देश की सेवा कर रहे है.

ए मेरे वतन के लोगों, तुम खूब लगा लो नारा
ये शुभ दिन है हम सबका, लहरा लो तिरंगा प्यारा

पर मत भूलो सीमा पर, वीरों ने है प्राण गंवाई
कुछ याद उन्हें भी कर लो, कुछ याद उन्हें भी कर लो
जो लौट के घर ना आये, जो लौट के घर ना आये.

ए मेरे वतन के लोगों, ज़रा आँख में भर लो पानी
जो शहीद हुए हैं उनकी, ज़रा याद करो कुर्बानी

जब घायल हुआ हिमालय, खतरे में पड़ी आज़ादी
जब तक थी सांस लड़े वो, फिर अपनी लाश बिछा दी
संगीन पे धर कर माथा, सो गए अमर बलिदानी
जो शहीद…

जब देश में थी दिवाली, वो खेल रहे थे होली
जब हम बैठे थे घरों में, वो झेल रहे थे गोली
थे धन्य जवान वो अपने, थी धन्य वो उनकी जवानी
जो शहीद…

कोई सिख कोई जाट मराठा, कोई गुरखा कोई मद्रासी
सरहद पे मरनेवाला, हर वीर था भारतवासी
जो खून गिरा पर्वत पर, वो खून था हिन्दुस्तानी
जो शहीद …

थी खून से लथ-पथ काया, फिर भी बन्दूक उठाके
दस-दस को एक ने मारा, फिर गिर गए होश गँवा के
जब अंत-समय आया तो, कह गए के अब मरते हैं
खुश रहना देश के प्यारों, अब हम तो सफ़र करते हैं
क्या लोग थे वो दीवाने, क्या लोग थे वो अभिमानी
जो शहीद …

तुम भूल ना जाओ उनको, इस लिए कही ये कहानी
जो शहीद…
जय हिंद, जय हिंद की सेना
जय हिंद, जय हिंद की सेना
जय हिंद, जय हिंद, जय हिंद

जब हम बैठे थे घरों में, वो झेल रहे थे गोली
थे धन्य जवान वो अपने, थी धन्य वो उनकी जवानी

जब अंत-समय आया तो, कह गए के अब मरते हैं
खुश रहना देश के प्यारों, अब हम तो सफ़र करते हैं

जय हिंद, जय भारत.

जय हिंद, जय भारत.

shri ram chandra kripalu bhajman in hindi (श्रीरामचंद्र कृपालु भजु मन)


Today isShree Ram Navmi.  I have not found any translation or Shree ram chandra kripalu bhajman Shloka.

So here I present the hindi/sanskrit shloka of “shree ram chandra kripalu bhajman”.

बोलो सीता राम दरबार की जय.

श्रीरामचंद्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणं,
नवकंज लोचन, कंजमुख कर, कंज पद कंजारुणं.

कंदर्प अगणित अमित छवि नव नील नीरज सुन्दरम,
पट पीत मानहु तडित रूचि-शुची नौमी, जनक सुतावरं.

भजु दीनबंधु दिनेश दानव दैत्य वंष निकन्दनं,
रघुनंद आनंद कंद कोशल चन्द्र दशरथ नंदनम.

सिर मुकुट कुंडल तिलक चारू उदारु अंग विभुशनम,
आजानुभुज शर चाप-धर, संग्राम-जित-खर दूषणं.

इति वदति तुलसीदास, शंकर शेष मुनि-मन-रंजनं,
मम ह्रदय कंज निवास कुरु, कामादि खल-दल-गंजनं.

एही भांति गोरी असीस सुनी सिय सहित हिं हरषीं अली,
तुलसी भावानिः पूजी पुनि-पुनि मुदित मन मंदिर चली.

जानी गौरी अनूकोल, सिया हिय हिं हरषीं अली,
मंजुल मंगल मूल बाम अंग फरकन लगे.

बोल सीता राम दरबार की जय.
बोल सिया वर राम चन्द्र की जय.
पवन सुत हनुमान की जय.

Software Diseases – सॉफ्टवेर की समस्याए


* Code मैं बग आना
* Client का नाराज़ होना
* समय पर project की डिलिवरी ना होना.
* Final release मैं रुकावट होना.
* Onsite opportunity का ना मिलना.
* USA का वीसा न मिलना.
* Project manager से अनबन.
* Salary का ना बढ़ना
* मानसिक अशांति
* Conference call मैं client का परेशान होना.
* Weekends पर ऑफिस मैं आना.
* Team मैं आपसी मतभेद.

Mann Ka Radio Hindi Lyrics


Hey !! Did i ever told that i am big fan of himesh.

So here I present the hindi lyrics of his new movie “radio” the song is “Mann ka Radio”.
I just loved this song.

—————————————————————–
मन का रेडियो बजने दे जरा, गम को भूल कर जी ले तू जरा.
स्टेशन कोई नया tune कर ले जरा, full to attitude दे दे तू जरा.
टुटा दिल क्या हुआ, हो गया जो हुआ .. आ आ आ आ. …

भूले बिसरे गीत गाके तू भूल जा.
बदला जो rhythm उसपे जा
full to attitude दे दे तू जरा. आ आ आ आ आ

क्या होगा क्या नहीं होगा ऊपर वाले पर छोड़ दे. ऊपर वाले पर छोड़ दे.
आज इस पल मैं तू ज़िन्दगी को जी जरा, तुझको आकाश की वाणी का है वास्ता.

क्या खोया क्या नहीं पाया उसपे रोना तू छोड़ दे , उसपे रोना तू छोड़ दे.
band जो बजे तेरा खुल के तू भी साथ गा दर्द ही बने दवा funda है ये लाइफ का.

मन का रेडियो बजने दे जरा, गम को भूल कर जी ले तू जरा.
स्टेशन कोई नया tune कर ले जरा, full to attitude दे दे तू जरा.
टुटा दिल क्या हुआ, हो गया जो हुआ .. आ आ आ आ. …
—————————————————————–

So don’t worry be happy.
What is going or whatever you are facing accept it and find the happiness from your all incoming tasks. 🙂

Happy Living. 🙂

romantic love poem


Now a days i am feeling romantic.

just got this kavita/poem…
This is by Dr. Kumar Vishwas.

कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है.
मगर धरती की बैचेनी को बस बादल समझता है.
मैं तुझसे दूर कैसा हु, तू मुझसे दूर कैसी है.
ये तेरा दिल समझता है, या मेरा दिल समझता है.

altaf raja and month name song


भाई कुछ भी कहो, हम तो अलताफ राजा के fan थे और fan है.

अलताफ राजा के एक गाने मैं साल के पुरे १२ महीनो का जिक्र है.
लीजीये प्रस्तुत है उसका हिंदी अनुवाद.

जब तुमसे इत्तफ़ाकन मेरी नज़र मिली थी – अब याद आ रहा है , शायद वो जनवरी थी.
तुम यू मिली दुबारा , फिर महे फ़रवरी मैं – जैसे की हमसफ़र हो , तुम रहे जिंदगी मैं.
कितना हसी जमाना आया था मार्च लेकर, राहे वफ़ा पे थी तुम , वाडो की टोर्च ले कर.
बँधा जो अहदे -उलफत अप्रैल चल रहा था, दुनिया बदल रही थी मौसम बदल रहा था
लकिन मे जब आई जलने लगा जमाना, हर शक्स की ज़बान पर बस यही था फसाना.
दुनिया के दर से तुमने , बदली थी जब निगाहे था जून का महीना , लब पर थी गरम आहे.
जुलाइ मैं जब तुमने जब बातचीत कुछ कम , थे आसमा पे बादल और मेरी आँखे पूर नाम.
महे ऑगस्ट मैं जब, बरसात हो रही थी. बस आसुओ की बारिश दिन रात हो रही थी.
कुछ याद आ रहा है, वो माह था सितंबर , भेजा था तुमने मुझको तार के बफा का लेटर.
तुम गेर हो रही थी, अक्टोबर आ गया था. दुनिया बदल चुकी थी, मौसम बदल चुका था
जब आ गया नवेंबर ऐसी भी रात आई , मुझसे तुम्हे छुड़ाने साज-कर बारात आई.
बे-क्फ था डिसेंबर , जसबात मार चुके थे. मौसम था सर्द उसमे, अरमा पिघल चुके थे

लेकिन ये क्या बतौ अब हाल दूसरा है …

अरे वो साल दूसरा था, ये साल दूसरा है.

क्या बात क्या लिखा है और क्या गाया है, भाई वाह !! मजा आ गया.

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