altaf raja and month name song
भाई कुछ भी कहो, हम तो अलताफ राजा के fan थे और fan है.
अलताफ राजा के एक गाने मैं साल के पुरे १२ महीनो का जिक्र है.
लीजीये प्रस्तुत है उसका हिंदी अनुवाद.
जब तुमसे इत्तफ़ाकन मेरी नज़र मिली थी – अब याद आ रहा है , शायद वो जनवरी थी.
तुम यू मिली दुबारा , फिर महे फ़रवरी मैं – जैसे की हमसफ़र हो , तुम रहे जिंदगी मैं.
कितना हसी जमाना आया था मार्च लेकर, राहे वफ़ा पे थी तुम , वाडो की टोर्च ले कर.
बँधा जो अहदे -उलफत अप्रैल चल रहा था, दुनिया बदल रही थी मौसम बदल रहा था
लकिन मे जब आई जलने लगा जमाना, हर शक्स की ज़बान पर बस यही था फसाना.
दुनिया के दर से तुमने , बदली थी जब निगाहे था जून का महीना , लब पर थी गरम आहे.
जुलाइ मैं जब तुमने जब बातचीत कुछ कम , थे आसमा पे बादल और मेरी आँखे पूर नाम.
महे ऑगस्ट मैं जब, बरसात हो रही थी. बस आसुओ की बारिश दिन रात हो रही थी.
कुछ याद आ रहा है, वो माह था सितंबर , भेजा था तुमने मुझको तार के बफा का लेटर.
तुम गेर हो रही थी, अक्टोबर आ गया था. दुनिया बदल चुकी थी, मौसम बदल चुका था
जब आ गया नवेंबर ऐसी भी रात आई , मुझसे तुम्हे छुड़ाने साज-कर बारात आई.
बे-क्फ था डिसेंबर , जसबात मार चुके थे. मौसम था सर्द उसमे, अरमा पिघल चुके थे
लेकिन ये क्या बतौ अब हाल दूसरा है …
अरे वो साल दूसरा था, ये साल दूसरा है.
क्या बात क्या लिखा है और क्या गाया है, भाई वाह !! मजा आ गया.






sach me this is pure genius !
जय महादेव!
आज भी याद है वोह जीएमआइ की रातें और अल्ताफ राजा का साथ ||
क्या बात है |
क्या बात है |
kaafi time ho gaya yeh gaana sune . Altaf bhai great hai. Mumbai GMI wah re wah